वो फूल थे या पत्थर जो मुरझा गए .
आप जैसी हसीना को देख कर पैरों पे आ गए .
रोका कितना इन आंसुओं को , जो बहार आ गए .
आपके इस जिंदगी में आने पर हम आप ही की यादों में समां गए .
हम सोचते थे की आप वो फूल हैं जो मुरझाता नही है लेकिन
आपके छु लेने से हम मुरझा गए .
हिरनी जैसी आँखों से जब मिली ऑंखें ,हम तो शरमा गए |
ऐ हुश्न की परी तेरा ही वो जादू था जिससे दिल दिमाग और मन सब करीब आ गए ।
दर्द ए इश्क़ के इस फ़साने को ,हम दिल में ही दबा गए । तेरी हर याद को हम सीने में ही दफना गए ।
आप जैसी हसीना को देख कर पैरों पे आ गए .
रोका कितना इन आंसुओं को , जो बहार आ गए .
आपके इस जिंदगी में आने पर हम आप ही की यादों में समां गए .
हम सोचते थे की आप वो फूल हैं जो मुरझाता नही है लेकिन
आपके छु लेने से हम मुरझा गए .
हिरनी जैसी आँखों से जब मिली ऑंखें ,हम तो शरमा गए |
ऐ हुश्न की परी तेरा ही वो जादू था जिससे दिल दिमाग और मन सब करीब आ गए ।
दर्द ए इश्क़ के इस फ़साने को ,हम दिल में ही दबा गए । तेरी हर याद को हम सीने में ही दफना गए ।
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