बीता हुआ कल मैं भूल नहीं पाता
आने वाला मुझे समझ नहीं आता
क्या बताऊँ मैं आप बीती
जो चल रहा है , साथ -मैं !चलता चला जाता
जाने क्यों खामोश है ये दिल और मदहोश है ये जिंदगी ,
जो मैं सोचता हूँ वो मैं क्यों कर नहीं पाता और जो करता हूँ वो जाने क्यों समझ नहीं आता
लगता है हर बात का है इस दिल को पता ,हर लफ्ज़ की है इसको खबर ,पर दूर दूर तक हिलोरें खाकर हर लफ्ज़ वापस यहीं चला आता .
दिल के समुन्दर में गोते लगाकर मेरा मन ,मेरा हर लफ्ज़ - हकीकत सा बन जाता |
बीता हुआ कल मैं भूल नहीं पाता.
आने वाला मुझे समझ नहीं आता
क्या बताऊँ मैं आप बीती
जो चल रहा है , साथ -मैं !चलता चला जाता
जाने क्यों खामोश है ये दिल और मदहोश है ये जिंदगी ,
जो मैं सोचता हूँ वो मैं क्यों कर नहीं पाता और जो करता हूँ वो जाने क्यों समझ नहीं आता
लगता है हर बात का है इस दिल को पता ,हर लफ्ज़ की है इसको खबर ,पर दूर दूर तक हिलोरें खाकर हर लफ्ज़ वापस यहीं चला आता .
दिल के समुन्दर में गोते लगाकर मेरा मन ,मेरा हर लफ्ज़ - हकीकत सा बन जाता |
बीता हुआ कल मैं भूल नहीं पाता.
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