उड़ गए हैं जो कबूतर। मैं उनका ठिकाना बनूँगा। रोक कर उनको वहीं पे उनका मैं सहारा बनूँगा। अगर कोई वजह न मिली तो मैं ही खुद एक वजह बनूँगा। रास्ते मे हों चाहे जितने कंकड़ पत्थर फिर भी मैं उनका एक जरिया बनूँगा।
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